Varanasi Poem

Varanasi Poem

Varanasi Study trip  (60)

Varanasi Poem

खनकते है जहा आज भी घुंगरू,
मिलती है जहा बनारसी सारिया,
चबाये यहाँ न जाने कितनो ने बनारसी पान,
जहा से बहती है माँ गंगा,
चलो करते है शिव को नमन,
चलते है करने काशी के दर्शन,

पहुंचे है यहाँ मालवीया की विद्या भूमि पर,
कितने जतन से बनाया था उन्होंने ये विद्या का घर,
देखि है यहाँ ज़माने भर की कलाये,
कला भवन के हुए दर्शन, बड़े सौभाग्य से ये पल है आये,

कितनी मीठी है उनकी आवाज़,
जैसे हो बनारस की रबड़ी जलेबी की मिठास,
करती है वो बच्चो के संग मस्ती,
बैठी है उनके कंठ में सरस्वती,
खुले आसमान के निचे,
ठंडी हवाओं के बीच,
लहराती उस माँ गंगा की लेहरो पर,
कुछ पलो में उन्होंने दुनिया दिखा दी,
कहलाती है वो श्रीपर्णा नंदी,

भगवान शिव से यहाँ हम हुए रूबरू,
न जाने कितनो को है यहाँ आने की जुस्तजू,
हर कण में यहाँ शिव है समाया,
यहाँ आकर जीवन का रहस्य समझ आया,
बहोत दूर से आये है करने शिव से मिलन,
आये है करने विश्वनाथ मंदिर के दर्शन,

जो हमने कभी सोचा ही नहीं अपने बारे में,
उन्होंने समझा दिया कुछ ही देर में,
क्यों करे हम सारे फैसले किसी को देख कर,
उच्च विचार सुन कर हुए धन्ये, मन हुआ कुछ उन्हें देख कर,
समझ आ गया सब कुछ क्या चाहते है हम ज़िन्दगी से,
जब मिले यहाँ आके प्रोफेसर संगल से,

कितना खूबसूरत है ये किला,
अदिति आपकी ही वजह से ये मौका है मिला,
देखा था ये, नदीवाला किला रांझणा में,
कितनी ख़ूबसूरती समायी है इसके हर कोने में,

कहते है कण कण में बेस है यहाँ शिव,
ले जाते नहीं यहाँ से जल,
करते नहीं शिव को अलग,
मेरा मानना यह है, शिव तोः है हर जगह, हर दिल में, हर पल… तोः कैसे करेंगे हम उन्हें अलग,
भारतीय संस्कृति का ये पाक उदाहरण,
देते है बनारस के रीती रिवााज़,
मिले है मुझे यहाँ बहोत से दीवाने,
है वो परदेस से आने वाले,
कहते है जो, हम है यहाँ के हवाले,
पूछो उनसे अगर के क्यों रहते हो यहाँ,
कहते है, सारे जहा का प्यार है यहाँ,

बनारस से थोड़ी दूर हु मैं आई,
बहोत शांति यहाँ आके हम सबने पायी,
अपने लिए यहाँ पाया है सबने वक़्त,
कहते है इसे सारनाथ,

ऐसे हुआ था पूरा ये सफर,
बहोत ही खूबसूरत था बनारस का दर्शन

– Apoorva Garg (Student at NIIT  UNIVERSITY)

0 Comments

Leave a reply

CONTACT US

We're not around right now. But you can send us an email and we'll get back to you, asap.

Sending
or

Log in with your credentials

or    

Forgot your details?